7th Pay Commission : 2005 के बाद राज्य सरकार की सेवा में शामिल हुए राज्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना को लागू किए बिना नई पेंशन योजना प्रदान की गई है। इस बीच, जब से सरकारी कर्मचारियों को इस नई पेंशन योजना में बड़ी खामियां मिली हैं, इस योजना की शुरुआत से ही सरकारी कर्मचारियों का काफी विरोध हो रहा है।

राज्य के कर्मचारी पिछले कई सालों से मांग कर रहे हैं कि 2005 के बाद सरकारी सेवा में आए कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए.अब इसी सिलसिले में एक बेहद अहम खबर आई है।

राज्य सरकार के कर्मचारियों की केंद्रीय यूनियन ने राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए विरोध का तेवर अपनाया है। इसी संस्था के माध्यम से एनपीएस हटाव सप्ताह आंदोलन का आयोजन किया गया है। इस आंदोलन के माध्यम से संगठन की मुख्य मांग राज्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की है।

दरअसल, संगठन की ओर से पूर्व में भी राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की लड़ाई लड़ी जा चुकी है. 21 सितंबर 2022 को भी संगठन ने पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए बाइक रैली निकाली। लेकिन अब तक संगठन की ओर से नरमी से आंदोलन किया जाता रहा। लेकिन अब आंदोलन को और धार मिलेगी। संगठन ने आंदोलन को और गंभीर बनाने में अपनी भूमिका जाहिर की है।संस्था द्वारा 21 नवम्बर 2022 से 25 नवम्बर 2022 तक “एनपीएस निकासी सप्ताह” का आयोजन किया जायेगा।

इस आंदोलन का महत्वपूर्ण उद्देश्य राज्य सरकार के कर्मचारियों को नई पेंशन योजना की खामियों से अवगत कराना है। यह आंदोलन प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जा रहा है। इस एनपीएस निकासी सप्ताह के दौरान जिले के सभी महत्वपूर्ण प्रमुख कार्यालयों में कर्मचारियों की कार्यालयवार बैठकें आयोजित की जाएंगी।

इसके अलावा, प्राप्त जानकारी के अनुसार, “एनपीएस निकासी सप्ताह” अभियान को केंद्रीय स्थानों पर प्रचारित और प्रसारित किया जाएगा। इस दौरान अनिश्चितकालीन धरना भी दिया जाएगा। पुरानी पेंशन योजना को लेकर राज्य के कर्मचारियों के अब आक्रामक होने की तस्वीर निश्चित तौर पर दिख रही है।

 

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