Pik Vima : किसान भाइयों को खेती करते समय तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को भारी नुकसान होता है। ऐसे में केंद्र सरकार ने फसलों की सुरक्षा और प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर मुआवजा पाने के लिए फसल बीमा योजना शुरू की है|

इस योजना का नाम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना है और इस योजना के माध्यम से खरीफ सीजन की फसलों के साथ-साथ रबी सीजन की फसलों के लिए भी फसल बीमा लिया जाता है। प्रदेश के लाखों किसानों ने खरीफ सीजन के लिए फसल बीमा लिया था।

अब ऐसे किसान भाइयों को फसल बीमा की राशि संबंधित फसल बीमा कंपनी द्वारा वितरित की जा रही है। वर्धा जिले के किसानों को फसल बीमा की राशि भी मिल रही है। रबी सीजन की पूर्व संध्या पर किसानों को मिल रहा यह मुआवजा उनके लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो रहा है। खरीफ फसल बीमा के लिए जिले को 15 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

उधर, जिले में अब तक फसल बीमा कराने वाले 13 हजार 170 किसानों के खातों में सात करोड़ 32 लाख रुपये की राशि जमा की जा चुकी है| आपकी जानकारी के लिए यहां बताना चाहेंगे कि जिले के 26825 किसानों ने खरीफ सीजन में फसल बीमा कराया था| किसानों ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस से फसल बीमा लिया है।

इस बीच, फसल बीमा के नियमों के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं के कारण नुकसान के 72 घंटे के भीतर किसानों को संबंधित फसल बीमा कंपनी के पास फसल बीमा के लिए दावा दायर करना होता है। इसी के अनुरूप राज्य के फसल बीमा धारकों ने कंपनी से नुकसान का दावा किया है। दावा करने के बाद क्षतिग्रस्त क्षेत्र का पंचनामा व निरीक्षण किया गया।

इसके बाद नुकसान की रिपोर्ट संबंधित फसल बीमा कंपनी को दी गई। दिवाली से पहले कंपनी को रिपोर्ट सौंपी गई थी। लिहाजा किसानों को उम्मीद थी कि दिवाली से पहले फसल बीमा की राशि मिल जाएगी। लेकिन तकनीकी कारणों से दीपावली से पहले किसानों को फसल बीमा की राशि नहीं मिल सकी। लेकिन अब दिवाली के बाद 13170 किसानों को 7 करोड़ 32 लाख रुपये का फसल बीमा कराया गया है|

कृषि विभाग ने कहा है कि शेष किसानों के खातों में जल्द ही फसल बीमा की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। खरीप सीजन में वर्धा जिले में सोयाबीन, अरहर, कपास बड़ी मात्रा में उगाई जाती है। ऐसे में जिले के किसानों ने इन फसलों का फसल बीमा कराया है। जिले के 147 मंडलों में 26 हजार 825 किसानों ने विभिन्न फसलों का फसल बीमा कराया था।

इस बीच, खरीफ सीजन में भारी बारिश के कारण फसल बीमा कराने वाले सभी किसान फसल बीमा के लाभ के पात्र हो गए हैं। अब पिछले सात साल के फसल कटाई प्रयोग के आधार पर संबंधित फसल बीमा धारक किसानों को मुआवजा दिया गया है। जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें असल में राशि मिलनी शुरू हो गई है।

आपको बता दें कि जिले के 13,781 किसानों को सोयाबीन की फसल के लिए 7 करोड़ 39 लाख 74 हजार रुपये और कपास की फसल के लिए 9,811 किसानों को 7 करोड़ 34 लाख 73 हजार रुपये की फसल बीमा राशि मिलेगी| साथ ही 3,233 किसानों को अरहर की फसल के लिए 60 लाख 35 हजार रुपये की फसल बीमा राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 13 हजार 170 किसानों को 7 करोड़ 32 लाख रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है और शेष किसानों को शीघ्र ही फसल बीमा की राशि मिल जायेगी|

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