Maize Rate : दोस्तों जैसा कि, आप जानते हैं पिछले सीजन में खरीफ सीजन (Kharif Season) की दो प्रमुख फसलों सोयाबीन और कपास को अब तक का सबसे ज्यादा बाजार भाव मिला है। इसी के चलते इस साल राज्य के ज्यादातर किसानों(Farmer)  ने सोयाबीन और कपास की खेती की ओर कदम बढाया था।

लेकिन इस साल सोयाबीन को अपेक्षित बाजार भाव नहीं मिल रहा है। फिलहाल सोयाबीन पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है और कई जगहों पर सोयाबीन के भाव पांच हजार रुपये से भी कम हैं। बताया जा रहा है कि, इससे सोयाबीन की खेती करने वाले किसान काफी निराश हैं इस बीच, यह देखा गया है कि ,हाल ही में शुरू की गई मक्का की फसल (Maize Crop) को अच्छी कीमत मिल रही है।

जानकारों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बाजार में हाल ही में पेश किया गया मक्का गीला है, लेकिन इसका बाजार भाव 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल  (Maize Market Price) मिल रहा है। ऐसे में जानकार बता रहे हैं कि, इससे किसानों को फायदा हो रहा है।

दोस्तों ,हम यहां आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि ,एक और महीने के बाद मक्के का सीजन शुरू होने जा रहा है। व्यापारियों की ओर से कहा जा रहा है कि ,मक्के का सीजन शुरू होने पर भी भाव बरकरार रहेगा।

व्यापारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस वर्ष मक्का सीजन के दौरान मक्का (Maize Bajarbhav)  का उच्च बाजार भाव 1800 रुपये से 2000 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा। इसी के चलते कहा जा रहा है कि, इस सीजन में मक्का उत्पादक किसानों के अच्छे दिन आएंगे।

दोस्तों ,हम आपकी जानकारी के लिए यहां बताना चाहेंगे कि, हमारे राज्य में खरीफ सीजन के दौरान मक्के की खेती(Maize Farming)  बड़े पैमाने पर की जाती है। लेकिन पिछले साल सोयाबीन का बाजार भाव अच्छा होने के कारण इस साल कई मक्का उत्पादक किसानों ने मक्का की जगह सोयाबीन की फसल को प्राथमिकता दी है।

इसके अलावा इस साल के मध्य में हुई भारी बारिश से मक्का की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। इससे जानकारों का अनुमान है कि, मक्का के उत्पादन में भारी कमी आएगी। इस बीच प्रदेश की कई मंडी समितियों में नया मक्का लाया जा रहा है और इसका बाजार भाव 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है।

व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि ,मक्के का सीजन शुरू होने के बाद भी भाव बरकरार रहेगा, ऐसे में मक्का उत्पादक किसानों की भौंहें एक बार फिर उठ गई हैं।

जानकारों के मुताबिक मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब राज्यों में मक्के की मौजूदा अनुपलब्धता के कारण इसकी अच्छी मांग है और बाजार भाव भी कायम है। इस बीच, व्यापारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस वर्ष चूंकि मक्के की खेती का रकबा कम हो गया है और रुक-रुक कर होने वाली भारी बारिश और जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पादन में कमी आएगी, इसलिए मक्का को बाजार में अच्छी कीमत मिलेगी।

 जानकारों के मुताबिक इस साल मक्के के उत्पादन में करीब 18 फीसदी की गिरावट आ सकती है। इससे सीजन के दौरान भी मक्का को बाजार में अच्छी कीमत मिलेगी।

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