Agriculture Business Idea : भारत में खेती (Farming) के साथ-साथ कई कृषि व्यवसाय (Agriculture Business) भी किए जाते हैं। इसमें पशुपालन (Animal Husbandry) भी शामिल है। पशुपालन व्यवसाय में किसान (Farmer) विभिन्न जानवरों को पालते हैं। साथियों हमारे देश में सुअर पालन
(Pig Rearing) भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि,एक तस्वीर यह भी है कि हमारे राज्य के किसान भी अब इस कृषि व्यवसाय में लगे हुए हैं। दोस्तों, जानकारों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार हमारे देश में सदियों से सुअर पालन (Pig Farming) होता आ रहा है लेकिन अब इसे पालने का तरीका बदल रहा है। किसान सूअर पालन के बेहतर तरीके पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। गरीब और सीमांत किसानों के लिए सुअर पालन एक लाभदायक व्यवसाय साबित हो रहा है।

सुअर पालन पर एक नजर –

दोस्तों, हम आपको बताना चाहते हैं कि, सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में पोर्क की मांग सबसे ज्यादा है। यह कॉस्मेटिक उत्पादों और दवाओं में भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। सूअर साल में 2 से 3 बार पिगलेट को जन्म देते हैं। सूअर का मांस प्रोटीन से भरपूर होता है। इसलिए लोगों का रुझान इस पेशे की ओर तेजी से बढ़ रहा है। क्या आप भी कम खर्चे में ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं और सूअर कैसे पालते हैं? अगर आप इसके बारे में जानना चाहते हैं, तो आज की खबर को विस्तार से पढ़ें।

सुअर पालन के लिए आवश्यक मौसम-

सुअर पानी से प्यार करने वाला जानवर है। इसकी खेती के लिए आर्द्र जलवायु आवश्यक है। इसकी खेती के लिए 15 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड का तापमान उपयुक्त होता है। सुअर पालन हमारे देश के सभी राज्यों में किया जा सकता है।

सूअरों के लिए आवास प्रबंधन –

सूअर पालन खुले और बंद दोनों प्रणालियों में किया जाता है। यदि आप पेशेवर रूप से सूअर पालना चाहते हैं, तो आपको बाड़ लगाने की आवश्यकता होगी। परिसर हवादार और प्रकाशयुक्त होना चाहिए। परिसर में पानी की उचित आपूर्ति सुनिश्चित करें। नर, मादा और शावकों के लिए अलग-अलग पेन बनाएं। सबको मिलकर तालाब जैसा एक छोटा-सा बाड़ा बनाना है, जहाँ सूअर आसानी से नहा सकें।

आहार प्रबंधन –

सुअर एक ऐसा जानवर है, जो बासी और सड़ा हुआ खाना भी खाता है। इसके लिए आपको खाने पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं है। सूअर अनाज, चारा, कचरा, सब्जियां, सड़ता हुआ खाना खाते हैं। फिर भी, सूअरों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त और संतुलित आहार की आवश्यकता होती है।

बढ़ते शावकों और गर्भवती मादाओं को अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है। उन्हें प्रोटीन युक्त खाना खिलाएं। इसके लिए मकई, मूंगफली का आटा, गेहूं की भूसी, मछली का पाउडर, खनिज लवण, विटामिन और नमक का मिश्रण दिया जा सकता है।

सूअर की नस्लें –

हमारे देश में सूअरों की देशी और संकर दोनों नस्लें पाई जाती हैं। लेकिन, अधिक लाभ और व्यावसायिक उत्पादन के लिए केवल संकर किस्मों को ही चुनें। सफेद यॉर्कशायर, लैंड्रेस, हैम्पशायर, ड्यूरोक और घुंघरू संकर नस्लों में प्रमुख हैं।

सुअर पालन में लागत और आय –

यदि आप पेशेवर स्तर पर सूअर पालना चाहते हैं, तो शुरुआत में इसकी लागत 2-3 लाख रुपये होगी। अगर आप इसे छोटे पैमाने पर यानी घरेलू इस्तेमाल के लिए फॉलो करना चाहते हैं, तो आपको 50 हजार रुपये खर्च करने होंगे। आय की बात करें तो सुअर पालन पशुपालन में सबसे अधिक लाभदायक व्यवसाय में से एक है। इसकी चर्बी काफी महंगी बिकती है। इसका उपयोग दवा, स्नेहक, क्रीम बनाने के लिए किया जाता है। 2-3 लाख रुपए खर्च कर साल में 3 लाख रुपए कमा सकते हैं।

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