Agriculture News : साथियों, किसान (Farmer)  कई दशकों से कृषि में विभिन्न संकटों का सामना कर रहे हैं। प्रकृति की अनिश्चितता (Climate Change) के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ऐसे में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की स्थिति में किसानों (Farmer) को मुआवजा देने के लिए सरकार (Government) की ओर से कुछ योजनाएं भी शुरू की गई है ।

इसमें प्रधानमंत्री पिक बीमा योजना (Crop Insurance) भी शामिल है। इस योजना के माध्यम से किसानों को मुआवजा दिया जाता है। निश्चित रूप से प्राकृतिक आपदाओं के कारण कृषि फसलों के नुकसान की स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Yojana) के तहत किसानों को बड़ी राहत मिलती है।

साथियों, हम आपकी जानकारी के लिए यहां बताना चाहेंगे कि, यदि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होता है तो इस योजना के तहत फसल बीमा राशि का 25 प्रतिशत अग्रिम भुगतान किया जाता है। तदनुसार अब नांदेड़ अकोला और लातूर जिलों के लिए अधिसूचना जारी की गई है। ऐसे में आज हम यह जानने की कोशिश करने जा रहे हैं कि, लातूर जिले के किन राजस्व मंडलों ने इसके लिए क्वालीफाई किया है।

साथियों, इसके बारे में अधिक जानकारी यह है कि, 22 जुलाई को लातूर जिले के लिए फसल बीमा प्राप्त करने के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया गया था। समिति ने निर्णय लिया है कि, लातूर जिले के 14 राजस्व मंडल सोयाबीन फसल के फसल बीमा के पात्र हैं। साथियों,अब लातूर जिले के 14 राजस्व मंडल सोयाबीन की फसल का फसल बीमा कराएंगे।

लातूर जिले में पात्र राजस्व बोर्ड कौन से हैं?

AUSA राजस्व बोर्ड

बहाडा राजस्व बोर्ड

किलरी बोर्ड ऑफ रेवेन्यू

लाभ बोर्ड

किन्नी थॉट सर्कल में

नीलांगा राजस्व बोर्ड

मदनसुरी राजस्व बोर्ड

पंचिनचोली राजस्व बोर्ड

भूतमुंगली राजस्व मंडल

पोहरे ग्राम राजस्व बोर्ड

रेनापुर राजस्व बोर्ड

पलाशी राजस्व मंडल

राजस्व के ओलांदी बोर्ड

राजस्व के बरो बोर्ड

सोयाबीन फसल के लिए फसल बीमा प्राप्त करने के उद्देश्य से लातूर जिले के 4 तालुकों में 14 राजस्व बोर्डों को योग्य बनाया गया है। इससे इस राजस्व मंडल के किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।

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