Soybean Subsidy : महाराष्ट्र के किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा हमेशा विभिन्न योजनाओं को लागू किया जाता है। प्राकृतिक आपदाओं जैसे भारी बारिश, सूखा आदि के कारण नुकसान के मामले में सरकार बलिराज को सब्सिडी प्रदान करती है।

अक्सर ऐसी योजना के क्रियान्वयन में देरी होती है। लेकिन देर-सबेर किसानों को सरकार की ओर से मदद मिल ही जाती है। अब किसान सब्सिडी के लंबित मुद्दे का आज समाधान हो गया है। दरअसल, 2016-17 में सोयाबीन के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई थी।

उत्पादन में वृद्धि के कारण, सोयाबीन ने उस वर्ष बहुत ही सस्ते दाम प्राप्त किए। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ और हजारों रुपये किसानों के चपत लग गए। नतीजा यह हुआ कि उस समय सरकार ने सोयाबीन किसानों को राहत देने के लिए सब्सिडी देने की घोषणा की थी।

अक्टूबर 2016 से दिसंबर 2016 के बीच सरकार ने 500 रुपये की सब्सिडी देने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। इसके लिए सरकार ने 25 क्विंटल तक की लिमिट तय की थी।

यानी किसानों को 25 क्विंटल सोयाबीन पर 200 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी मिलेगी। लेकिन तब से इन किसान भाइयों की सब्सिडी लंबित है| लेकिन अब इसके लिए समय मिल गया है और 113 करोड़ रुपये का फंड स्वीकृत हो गया है।

इसके लिए आज दिनांक 5 दिसम्बर 2022 को शासनादेश जारी कर 113 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। यानी अब इन किसान भाइयों को लंबित अनुदान जल्द मिलेगा।

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