Maharashtra Breaking : राज्य में जमीन की खरीद-फरोख्त (Negotiate) को लेकर एक अहम और बड़ी काम की खबर सामने आई है|

दोस्तों, जैसा कि आप जानते हैं कि, महाराष्ट्र राज्य (Maharashtra State) में विखंडन कानून है। लेकिन तस्वीर यह थी कि, यह कानून सिर्फ कागजों तक ही सीमित था। यानी कानून के अस्तित्व में होने के बावजूद जमीन को टुकड़ों में खरीदा और बेचा जा रहा था या संबंधित जमीन के टाइटल डीड दर्ज किए जा रहे थे|

ऐसे मामलों में, जब कानून लागू था, तब भी टुकड़ों में जमीन खरीदने (buy land) और बेचने की प्रथा पर रोक लगाने के लिए इसे प्रतिबंधित कर दिया गया था। साथ ही यदि भूमि के टुकड़े-टुकड़े कर क्रय-विक्रय करना हो, तो संबंधित भूमि का आहरण कर तथा कलेक्टर अथवा कलेक्टर के समान किसी अन्य प्राधिकारी से अनुमति लेकर भूमि का लेन-देन किया जा सकता है।

समान प्राधिकारी से अनुमति या स्वीकृति लेना अनिवार्य कर दिया गया था। हालांकि औरंगाबाद बेंच (Aurangabad Bench) ने इस फैसले पर रोक लगा दी। औरंगाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से रिव्यू पिटीशन दाखिल की गई थी।

अब पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई हो रही है और औरंगाबाद बेंच ने जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है यानी बंटवारा एक्ट का उल्लंघन कर डीड के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है|

साथियों, माननीय न्यायालय द्वारा दिया गया यह स्थगन अभी स्थायी नहीं हुआ है, इस बीच 16 नवंबर को फिर से याचिका पर सुनवाई होगी। दोस्तों, आपकी जानकारी के लिए हम यहां बताना चाहेंगे कि, निबंधन एवं स्टाम्प शुल्क विभाग ने विखंडन अधिनियम के तहत एक सर्कुलर जारी किया था।

12 जुलाई, 2021 को सार्वजनिक किए गए इस सर्कुलर में दो-तीन गुंटा भूखंडों का निपटारा करते समय संबंधित क्षेत्र का रेखांकन और कलेक्टर या इसी तरह के प्राधिकरण से अनुमोदन लेना अनिवार्य किया गया था।

यानी जमीन के टुकड़े खरीदते और बेचते समय कलेक्टर और इसी तरह के प्राधिकार से मंजूरी लेना अनिवार्य है। उसी के अनुसार प्रत्येक जिले का मानक क्षेत्र निर्धारित किया गया। इस मानक क्षेत्र से कम भूमि का क्रय-विक्रय अस्वीकृत कर दिया गया।

ऐसे में इस फैसले को औरंगाबाद बेंच में चुनौती दी गई। यह सर्कुलर भी सुनवाई के बाद रद्द कर दिया गया। सरकार के इस फैसले के खिलाफ एक बार फिर रिव्यू पिटीशन दाखिल की गई। अब याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है|अब तक हुई सुनवाई में माननीय न्यायालय (Court) ने भूमि के टुकड़े-टुकड़े कर उसके क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी है।

साथियों, हम आपकी जानकारी के लिए यहां बताना चाहेंगे कि, अगली सूचना तक भूमि क्रय-विक्रय का लेन-देन नहीं किया जाएगा यानि जब तक 16 नवंबर को पुन: याचिका पर सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक भूमि क्रय-विक्रय का लेन-देन बंद रहेगा। बेशक 16 नवंबर को जो फैसला होगा, उस पर सबका ध्यान होगा|

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