केंद्र सरकार की ‘Make in India’ योजना के तहत कई बड़ी विदेशी कंपनियों ने भारत में निवेश जारी रखा है। कई विदेशी कंपनिया भारत में अपने उत्पाद उत्पादित करती है। इसकी वजह है केंद्र सरकार की बदली नीतिया है।

पिछले कुछ सालों से भारत Ease of Doing Business इस जागतिक इंडेक्स में काफी अच्छे पायदान पर है। लेकिन क्या आपको पता है साल २०१४ के बाद हजारो भारतीय और सेंकडो विदेशी कंपनियों ने भारत मे अपना कारोबार बंद कर दिया है।

इस बात की जानकारी केंद्र सरकार के मंत्री ने ही दी है। संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी है। पियूष गोयल ने कहा,”2014 से अब तक देश भर में 2,700 से ज्यादा विदेशी कंपनियां बंद हो चुकी हैं।

पिछले सात वर्षों में भारत में कुल 2783 विदेशी कंपनियों ने अपना कारोबार बंद किया है। जिन विदेशी कंपनियों ने भारत में अपना कारोबार बंद कर दिया था, उनका रजिस्ट्रेशन संपर्क कार्यालयों, शाखा कार्यालयों, परियोजना कार्यालयों या सहायक कंपनियों के माध्यम से किया गया था।”

इतनी विदेशी कंपनियों ने भारत में शुरू किया कारोबार पियूष गोयल ने आगे कहा, “पिछले सात वर्षों में 10,758 विदेशी कंपनियों ने भारत में अपना कारोबार शुरू किया है। नई कंपनियों के रजिस्ट्रेशन के बाद भारत में कारोबार करने वाली सक्रिय कंपनियों की कुल संख्या 12,456 है। ये आंकड़े 30 नवंबर 2021 तक के हैं।”

भारत Ease of Doing Business में कर रहा है तरक्की उन्होंने आगे कहा, ” भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) इंडेक्स रैंकिंग में काफी तरक्की कर रहा है। पिछले ७ सैलून में भारत ने असामान्य ऊंचाई हासिल की है। १९० देशों की रैंकिंग में भारत पिछले ७ सालों में ६९ पायदान ऊपर चढ़कर फिलहाल ६३ वे पायदान पर है।”

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