Wheat Farming : भारत में इस समय खरीफ का मौसम (Kharif Season) चल रहा है। खरीफ सीजन अब अपने अंतिम चरण में है। राज्य में खरीफ सीजन की फसलों की कटाई भी चल रही है| खरीफ सीजन की फसलों की कटाई भी अगले कुछ दिनों में पूरी हो जाएगी।

ऐसे में देश में रबी सीजन जल्दी शुरू हो जाएगा। दोस्तों, सबसे ज्यादा गेहूं की खेती रबी के मौसम (Rabi Season) में देखने को मिलती है। हमारे राज्य में गेहूं की खेती (Wheat Cultivation) भी बड़े पैमाने पर की जाती है।

जल्द ही गेहूं की बुवाई शुरू होने वाली है। ऐसे में जानकार लोगों ने किसान (Farmer) भाइयों को एक बहुमूल्य सलाह भी जारी की है| वैज्ञानिकों के मुताबिक किसान आग में बोए गए गेहूं की बुवाई 20 अक्टूबर से शुरू कर दें।

इस बीच जानकारों ने किसानों को उन्नत किस्म (Wheat Variety) बोने की सलाह दी है। साथियों, इसके अलावा किसान भाइयों को चाहिए कि, वे गेहूं की बुवाई सही समय पर करें ताकि उन्हें गेहूं की खेती से ज्यादा आमदनी हो सके।

जानिए गेहूं बोने का सही समय!

विशेषज्ञों ने एडवाइजरी में कहा है कि, जल्दी बुवाई वाली किस्मों के लिए किसान 20 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच कभी भी गेहूं की बुवाई कर सकते हैं| वहीं अगर गेहूं की अन्य किस्मों की बात करें तो बुवाई के लिए 10 नवंबर से 25 नवंबर तक का समय सबसे उपयुक्त होता है।

परीक्षण के बाद बीजों का चयन करें –

विशेषज्ञों के अनुसार किसानों को एक ही खेत में एक ही किस्म के बीजों को अलग-अलग बीजों को एक साथ मिलाए बिना बोना चाहिए।

बेहतर उपज के लिए प्रमाणित बीज का ही प्रयोग करना चाहिए और बुवाई से पहले बीज उपचार से बीज रोग की संभावना कम हो जाती है।

बीज उपचार के लिए थीरम और कैप्टन का उपयोग किया जा सकता है। बीजों को लेप करने के बाद छायादार स्थान पर सुखाना याद रखें।

कृषि विशेषज्ञों ने गहरी जुताई न करने की सलाह दी है। जानकारों का कहना है कि, अगर बुवाई के समय गहरी जुताई की जाए तो बीज अंकुरित नहीं होंगे।

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