Seed Germination: जब एक किसान खेत में विभिन्न फसलों की खेती करता है, तो उस फसल का बीज उत्पादन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिक उपज प्राप्त करने के लिए बीज भी अच्छी गुणवत्ता के होने चाहिए। लेकिन अक्सर किसानों को खराब गुणवत्ता वाले बीज मिलने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

अक्सर हम जानते हैं कि, जो बीज हम बोते हैं या रोपते हैं वह उतना नहीं बढ़ता जितना चाहिए। इसलिए, किसानों को अक्सर गड्ढों को भरने के लिए नए बीज खरीदने पड़ते हैं या दो बार बोना पड़ता है इससे न केवल किसानों का समय बर्बाद होता है बल्कि उत्पादन की लागत भी बढ़ जाती है क्योंकि उन्हें दो बार पैसा खर्च करना पड़ता है।

इसलिए इन सभी समस्याओं से बचने के लिए बोने से पहले बीजों की अंकुरण क्षमता की जांच करना बहुत जरूरी है। तो इस लेख में हम रोपण से पहले बीज की अंकुरण क्षमता की जांच करने के लिए एक सरल और महत्वपूर्ण विधि देखने जा रहे हैं। ताकि भविष्य के किसानों के नुकसान से बचा जा सके।

धुंध का प्रयोग करें और सरल तरीके से बीजों की अंकुरण क्षमता की जांच करें

इस विधि में आप बीजों के प्रत्येक बैग से मुट्ठी भर अनाज या बीज लें। सभी निकाले गए बीजों को इकट्ठा कर लें। उसके बाद गोनापत के छह चौकोर टुकड़े लें और उन्हें अच्छी तरह धो लें।

उनमें से एक को जमीन पर फैलाएं। उसके बाद आप निकाले गए बीजों से लगभग 100 बीजों को मापें और उन्हें धुंध के एक टुकड़े पर डेढ़ से दो सेंटीमीटर की दूरी पर 10-10 की पंक्तियों में लगाएं। इस तरह आपको 100 मनकों की तीन पंक्तियाँ बनानी चाहिए यानि तीन पैटर्न।

इसके बाद धुंध पर पानी डालकर अच्छी तरह से गीला कर लें। इसके बाद इसके ऊपर धुंध का एक और टुकड़ा फैलाएं और इसे फिर से अच्छे पानी से छिड़क दें। उसके बाद इस टुकड़े के बीजों को कसकर लपेटकर ठंडी जगह या छाया में रखना चाहिए और बीच-बीच में पानी छिड़कना चाहिए।

ताकि बोरी सूख न जाए। 6 से 7 दिनों के बाद इस रुई को जमीन पर फैला दें और खोलकर अलग कर दें और अंकुरित बीजों को गिनें।

वह कुंडलियों का औसत भी लेती है और यदि 100 में से 70 या अधिक बीज अच्छी तरह से अंकुरित हुए हैं यानी वे अच्छी तरह से अंकुरित हुए हैं, तो बीज की अंकुरण क्षमता को अच्छा माना जाना चाहिए।

लेकिन यदि अंकुरित बीजों की औसत संख्या 70 से कम हो तो प्रति एकड़ बीज की मात्रा को थोड़ा बढ़ा कर बोना चाहिए। साथ ही, बुवाई के दौरान बीजों को फफूंदनाशकों और जीवाणु वृद्धि से उपचारित करना बहुत महत्वपूर्ण है।

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