Kapus Bajarbhav : पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया का इस्तेमाल काफी बढ़ा है। इसमें व्हाट्सएप और फेसबुक का इस्तेमाल सबसे ज्यादा बढ़ा है। ये मंच निश्चित रूप से सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक सुसज्जित और आसान मंच हैं।

इस प्लेटफॉर्म पर अक्सर गलत सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है। इसमें भोले-भाले किसान निराश भी होते हैं, कई बार ठगे भी जाते हैं। पिछले वर्षों से इन सोशल मीडिया में बाजार मूल्य की रसीदें प्रसारित की जाती रही हैं।

इसमें एक-दो क्विंटल माल का अच्छा दाम मिलने पर भी रसीद का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाता है। अक्सर मार्केट कमेटी में 14 बार खींचा जाता है। यानी किसानों को जाने-अनजाने गलत जानकारी उपलब्ध करा दी जाती है।

अब अकोला जिले की अकोट कृषि उपज मंडी समिति ने इसको लेकर आपत्ति दर्ज कराई है और सीधे थाने पहुंच गई है| अकोट कृषि उपज मंडी समिति कपास की नीलामी के लिए पूरे महाराष्ट्र में जानी जाती है।

मंडी समिति प्रशासन ने गलत कपास बाजार मूल्य की रसीद वाट्सएप पर वायरल करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है| मार्केट कमेटी के सचिव सुधाकर किसानराव डालू ने इस संबंध में थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है|

सुधाकर द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 4 नवंबर को आकोट कृषि उपज मंडी समिति को कपास का बाजार भाव 8,200 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 8,845 रुपये प्रति क्विंटल तक मिला| लेकिन व्हाट्सएप पर एक पुरानी रसीद वायरल हुई है, जिसमें बाजार भाव 10140 रुपए प्रति क्विंटल दिखाया गया है। इससे किसानों में बाजार भाव को लेकर भ्रम की स्थिति है।

इसी के चलते उन्होंने मांग की है कि गलत सूचना फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए| किसानों को भरोसा करने से पहले व्हाट्सएप पर रसीदों की जांच जरूर कर लेनी चाहिए। साथ ही, हम सभी जानते हैं कि बाजार में केवल कुछ सामान ही रिकॉर्ड कीमत पर बिकते हैं और बाकी बचे ज्यादातर सामान कम कीमत पर बिक जाते हैं।

इससे कृषकों को अधिक बाजार मूल्य पर ध्यान न देकर औसत बाजार मूल्य पर ध्यान देकर माल के विक्रय की उचित योजना बनाना अनिवार्य होगा। साथ ही, किसानों को बाजार मूल्य की जांच के लिए महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन निगम या इसी तरह की बाजार समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना चाहिए।

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