Ravikant Tupkar : विगत कई वर्षों से किसान भीषण संकट का सामना कर रहा है और उसका साथी है सुल्तान का जुल्म। ऐसे में किसानों की विभिन्न मांगों और सवालों को लेकर किसान नेता रविकांत तुपकर ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है|

पिछले कई दिनों से किसान नेता तुपकार ने किसानों की लंबित मांगों और मुद्दों को हल करने के लिए आंदोलन शुरू किया है| इतना ही नहीं रविकांत तुपकर ने चेतावनी दी थी कि अगर किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो वे हजारों किसानों के साथ मुंबई में अरब सागर में स्नान करेंगे|

इसी बीच बुलढाणा से रविकांत तुपकर सहित हजारों किसान राजधानी मुंबई में जलसमाधि लेने गए, लेकिन मुंबई पहुंचने से पहले ही हजारों किसानों को रविकांत तुपकर ने मौत के घाट उतार दिया| क्योंकि सरकार ने तुरंत मदद का ऐलान कर दिया है|

नई शिंदे फडणवीस सरकार ने रविकांत तुपकर की चेतावनी को गंभीरता से लिया है और बुलढाणा और वाशिम जिलों के लिए तत्काल सहायता की घोषणा की है। इन दोनों जिलों के लिए सिंध सरकार द्वारा 157 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की गई है। यह राशि इन दोनों जिलों में भारी बारिश से प्रभावित किसानों को वितरित की जाएगी।

शिंदे सरकार द्वारा दी गई इस मदद से किसानों को उस स्थिति में राहत मिलेगी, जहां भारी बारिश के कारण बुलढाणा और वाशिम जिले के किसानों को काफी नुकसान हुआ है| किसान प्रतिक्रिया दे रहे हैं कि रविकांत तुपकर ने शिंदे सरकार द्वारा सहायता देने के बावजूद सरकार को सहायता देने के लिए मजबूर किया है।

संबंधित समाचार में हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि इन दोनों जिलों के किसानों को सरकार द्वारा घोषित सहायता जल्द ही कृषि योग्य फसलों के लिए 13600 प्रति हेक्टेयर, बागवानी फसलों को नुकसान के लिए 27,000 प्रति हेक्टेयर, बारहमासी के लिए 36,000 प्रति हेक्टेयर के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। 3 हेक्टेयर की सीमा के भीतर फसलें।

इस बीच राजनीति से लेकर सामाजिक सरोकारों तक हर जगह इस बात की चर्चा देखी जा रही है कि सरकार ने रविकांत तुपकर की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए इस मदद की घोषणा की है| इस बीच किसान नेता रविकांत तुपकर ने कहा है कि किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि बहुत कम है| इसके चलते अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रविकांत तुपकर आगे क्या फैसला लेते हैं|

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