Farming Success Story :कई दशकों से खेती (Farming) के कारोबार में लगातार हो रहे नुकसान के चलते अब एक तस्वीर सामने आ रही है कि,युवा खेती (Agriculture) से दूर होते जा रहे हैं| खास बात यह है कि, अब प्रगतिशील किसान (Progressive Farmer) भी सपना देख रहे हैं कि, उनके बच्चों को अच्छी उच्च शिक्षा मिलेगी और बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी मिलेगी या सरकारी कर्मचारी के रूप में काम होगा।

लेकिन अगर समय के साथ कृषि में बदलाव आता है तो निश्चित रूप से कृषि किसी नौकरी से कम नहीं है। खास बात यह है कि, कुछ युवा इस बात को बखूबी समझ चुके हैं। यही कारण है कि, भले ही एक वर्ग कृषि से दूर जा रहा हो, लेकिन हमारे देश में अभी भी एक वर्ग ऐसा है जो रोजगार के बजाय कृषि को तरजीह देता है। साथियों, अहमदनगर जिले के श्रीगोंडा तालुका के एक प्रायोगिक युवा किसान  (Successful Farmer) ने अपने डेढ़ एकड़ के खेत को आधुनिक तरीके से खेती (Farming) करके 18 लाख रुपये तक की कमाई की कीमिया हासिल की है।

इसलिए यह अवलिया किसान हर जगह चर्चा का विषय बनता जा रहा है। इस युवा किसान का नाम श्रीगोंडा तालुक के मौजे हंगेवाड़ी के नवनाथ दिगंबर है। इस युवा किसान ने खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाकर फसल प्रणाली को बदल दिया है। आय में वृद्धि के अनुरूप नवनाथ दादा ने फसल व्यवस्था में परिवर्तन कर अनार की फसल (Pomegranate Crop) लगा दी।

अनार की खेती (Pomegranate Farming) के बाद, उचित योजना और उचित फसल प्रबंधन द्वारा, वह अनार की खेती से लाखों कमाने में सफल रहे हैं। इस युवा किसान ने डेढ़ एकड़ में लगाए अनार से सात माह में 30 टन उपज दिखाई है। उन्होंने इस 30 टन अनार के उत्पादन से 18 लाख की कमाई की है। विधाते द्वारा उत्पादित अनार सीधे कलकत्ता बाजार में प्रवेश कर गया है।

कोलकाता से व्यापारी अनार का सामान ले जा रहे हैं। उनका अनार 70 से 100 रुपये किलो मिलता है। साथियों, विद्दते ने अपने डेढ़ एकड़ क्षेत्र में लगभग सात सौ अनार के पौधे लगाए हैं। अनार के उत्पादन में अब तक नवनाथ दो लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। नवनाथ ने बताया कि, उत्पादन की लागत कम हो गई है क्योंकि उनका परिवार भी खेती में उनकी मदद करता है।

नवनाथ के अनुसार उन्हें एक अनार के पेड़ से 45 किलो तक अनार मिल रहा है। निश्चय ही इस युवा किसान ने महज डेढ़ एकड़ में अठारह लाख की कमाई की है, इससे दूसरे किसानों को प्रेरणा मिलेगी। इसके अलावा, नवनाथ ने उन किसानों को आईना दिखाने का काम किया है जो चिल्ला रहे हैं कि, वे खेती नहीं करना चाहते हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *