Kapus Bajarbhav : महाराष्ट्र में इस साल एक अक्टूबर से कपास का सीजन शुरू हो गया है| सीजन की शुरुआत धमाकेदार रही। सीजन की शुरुआत में राज्य के विभिन्न स्थानों पर मुहूर्त कपास का अधिकतम बाजार भाव 11,000 रुपये प्रति क्विंटल से 16,000 रुपये प्रति क्विंटल था।

इसको लेकर कपास किसानों का इतना बवाल हो गया। किसानों को उम्मीद थी कि इस साल भी पिछले साल की तरह कपास का बाजार भाव ऊंचा रहेगा क्योंकि सीजन की शुरुआत में ही इसे रिकॉर्ड बाजार भाव मिल गया था।

हालांकि मुहूर्त की कुछ अवधि को छोड़कर कपास के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली। लेकिन अब कपास के बाजार भाव में मामूली सुधार देखने को मिल रहा है। जानकारों के मुताबिक बाजार में तिलहन खली महंगा होने के बाद से सरकी खली की भारी मांग हो गई है|

सोरघम मील की मांग के कारण, ज्वार की मांग में वृद्धि हुई है और परिणामस्वरूप कपास की मांग में वृद्धि हुई है। इससे कपास की मांग भी बढ़ी है और बाजार भाव में भी उछाल आया है।

वास्तव में, राज्य के अधिकांश किसानों की अर्थव्यवस्था नकदी फसल के रूप में कपास पर निर्भर है। ऐसे में जब से कपास के दाम बढ़े हैं, किसानों के चेहरों पर संतोष के भाव देखे जा सकते हैं| नागपुर जिले में कपास की खेती का क्षेत्र भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस बीच नागपुर जिले के कुहू उपमंडी में कपास की खरीद शुरू हो गई है|

10 नवंबर को इस उप मंडी में कपास की खरीद शुरू हुई थी। मिली जानकारी के अनुसार खरीद के पहले दिन इस उप मंडी में 150 क्विंटल कपास की प्राप्ति हुई थी|

इस दिन हुई नीलामी में कपास का बाजार भाव 9 हजार 201 रुपये प्रति क्विंटल बताया गया था| इस बीच खरीद के पहले दिन किसानों को संतोषजनक दाम मिला तो किसानों के चेहरे पर खुशी के भाव साफ देखे जा सकते हैं|

मार्केट कमेटी में कपास का अच्छा भाव मिलने से मार्केट कमेटी प्रशासन ने अगले कुछ दिनों में कपास की आवक बढ़ने की संभावना जतायी है| मार्केट कमेटी के प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे मार्केट कमेटी के परिसर में ही कपास बेचें|

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