Maharashtra Breaking : राज्य में पिछले कुछ महीनों से गांठदार बीमारी ने पशुधन पर हमला किया है| प्रारंभ में, राजस्थान में इस भयानक बीमारी के कारण बड़ी संख्या में पशुधन संकट में थे।

महाराष्ट्र में भी इस बीमारी के आने के बाद पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है| महाराष्ट्र में इस बीमारी के आने के बाद बड़ी संख्या में पशुधन विशेषज्ञ मवेशी इस बीमारी की गिरफ्त में आ गए। बड़ी संख्या में मवेशी जल गए।

इससे संबंधित पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। ऐसे में मौजूदा शिंदे सरकार ने पशुपालन को राहत देने के लिए मुआवजे की घोषणा की| महाराष्ट्र के जिन पशुपालकों के पशुओं की इस बीमारी से मौत हुई है, उन्हें मुआवजे के तौर पर 18 करोड़ 49 लाख रुपये दिए गए हैं| प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में करीब 7274 पशुपालकों को 18 करोड़ 49 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है|

इस बीच, बीमारी की जांच के लिए एक केंद्रीय टीम महाराष्ट्र में प्रवेश कर चुकी है। 21 नवंबर के अंत तक 34 जिलों के कुल 3 हजार 666 संक्रमण केंद्रों में गांठ रोग का प्रकोप देखा गया है| इस बीमारी से 2082,595 पशुधन प्रभावित हुए थे, जिनमें से लगभग दो लाख पांच हजार पशुधन उपचार द्वारा ठीक हो चुके हैं। बताया गया है कि बाकी प्रभावित पशुओं का इलाज किया जा रहा है।

वहीं प्रभावित पशुधन में से 19 हजार 77 पशुओं की मौत हो चुकी है| राज्य सरकार उन पशुपालकों को मुआवजे के रूप में सब्सिडी भी दे रही है, जिनके पशुधन की मौत हो गई है। लिहाजा पशुपालकों को फिलहाल राहत मिल रही है।

राज्य सरकार द्वारा इस रोग पर नियंत्रण के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं तथा पशुओं का टीकाकरण तेजी से किया जा रहा है। इस बीच, जब से गन्ने की कटाई शुरू हुई है, पशुधन गन्ना परिवहन के लिए एक जिले से दूसरे जिले में जाएगा। ऐसे में बीमारी का खतरा बढ़ गया है और इस तरह टीकाकरण की गति तेज कर दी गई है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *