Kapus Bajarbhav : कपास किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल कपास का सीजन एक अक्टूबर से शुरू हो गया था। सीजन की शुरुआत में कपास की बाजार कीमत 16,000 रुपये प्रति क्विंटल थी।

इससे कपास किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। लेकिन उसके बाद कपास के दाम गिर गए। कपास सात हजार रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया। कपास किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस बीच कपास उत्पादक किसानों को पिछले कुछ दिनों से राहत मिल रही है।

कपास का बाजार मूल्य जो दबाव में था अब एक बार फिर तेजी का रुख दिखा रहा है। इससे कपास किसानों ने राहत की सांस ली है। वर्तमान में कपास का अधिकतम बाजार मूल्य 9500 रुपये प्रति क्विंटल मिलना शुरू हो गया है। साथ ही औसत बाजार भाव 8500 रुपये प्रति क्विंटल से 9050 रुपये प्रति क्विंटल बताया जा रहा है|

दिलचस्प बात यह है कि न्यूनतम बाजार भाव भी 8000 रुपये प्रति क्विंटल से 9000 रुपये प्रति क्विंटल पर मिल रहा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो कपास के बाजार भाव पिछले सप्ताह की तुलना में इस सप्ताह बढ़ रहे हैं। अक्टूबर माह में कपास के बाजार भाव में गिरावट आई थी।

लेकिन अब नवंबर के दूसरे सप्ताह में कपास के बाजार भाव में बड़ी तेजी की बात कही जा रही है। इस बीच जानकारों ने बताया है कि कपास के लिए किसानों को औसतन 9000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा| इससे किसानों को 9000 रुपये प्रति क्विंटल के औसत बाजार मूल्य को ध्यान में रखकर बाजार की समीक्षा करते हुए कपास की बिक्री जारी रखने में फायदा होगा।

जानकारों के मुताबिक बाजार में तिलहन खली महंगा होने से सरकी मील की डिमांड बढ़ गई है|इससे कपास की मांग बढ़ी है और कपास की अच्छी कीमत मिलने लगी है। इसके अलावा, कुछ विशेषज्ञों ने उल्लेख किया है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कपास की मांग बढ़ रही है। साथ ही अब देश में यार्न मिलें भी पूरी क्षमता के साथ शुरू हो रही हैं|

इसके अलावा कपड़ा उद्योग एक बार फिर मंदी से बाहर आने की कोशिश कर रहा है| निश्चित तौर पर इन्हीं सब कारणों से कपास की कीमत धीरे-धीरे बढ़ रही है। किसानों को यह भी उम्मीद है कि मौजूदा तेजी बाजार की कीमतें हमेशा के लिए बनी रहेंगी।

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