Kanda Bajarbhav : दोस्तों, प्याज की फसल (Onion Crop) महाराष्ट्र के साथ-साथ पूरे भारत में पैदा होने वाली प्रमुख नकदी फसलों (Cash Crop) में से एक है। इस फसल की खेती पूरे भारत में की जाती है।

लेकिन महाराष्ट्र में प्याज का उत्पादन विशेष रूप से उल्लेखनीय है। महाराष्ट्र प्याज उत्पादन (Onion Production) के लिए पूरे भारत में जाना जाता है। पश्चिम महाराष्ट्र में नासिक जिला पूरी दुनिया में प्याज के गोदाम के रूप में प्रसिद्ध है।

कुल मिलाकर, यह एक तस्वीर है कि, राज्य के अधिकांश किसान (Farmer) अपनी आजीविका के लिए नकदी फसल के रूप में प्याज पर निर्भर हैं। लेकिन फिर भी, प्याज की कीमत में उतार-चढ़ाव हमेशा किसानों को प्रभावित करता है। इस वजह से किसान प्याज को अविश्वसनीय फसल बताते हैं। खानदेश में, एक लोकप्रिय कहावत है कि, प्याज के लिए चिकन का व्यापार करना गलत है।

शायद इस साल जानकारों को भी प्याज के रेट (Onion Rate) का उतार-चढ़ाव आया है। पिछले कई महीनों से प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इस बीच पिछले हफ्ते से प्याज के बाजार भाव में सुधार हुआ है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने प्याज की कीमत पर नियंत्रण के लिए बड़ा फैसला लिया है|

केंद्र सरकार ने अब बफर स्टॉक से प्याज को खुले बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिया है ताकि आम आदमी को प्याज के लिए ज्यादा कीमत न चुकानी पड़े| मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने करीब 54 हजार टन प्याज राज्यों को भेजा है| जैसे ही बफर स्टॉक में प्याज बिक्री के लिए खुले बाजार में प्रवेश किया है, बाजार में प्याज की आवक बढ़ेगी और प्याज की कीमतें नियंत्रण में रहेंगी।

लेकिन किसानों को डर लगने लगा है कि, इससे प्याज का बाजार भाव और गिरेगा| साथ ही जानकार लोगों ने भी साफ तौर पर कहा है कि, इससे प्याज का बाजार भाव नहीं बढ़ेगा| कुल मिलाकर सरकार के इस फैसले से पिछले हफ्ते से बढ़ रहे प्याज के बाजार भाव पर असर पड़ेगा|

किसानों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक बाजार में फिलहाल नया लाल प्याज नहीं आया है| साथ ही बराक या प्याज की चाली में रखा प्याज भी अब सड़ रहा है और उसका वजन भी काफी कम हो गया है|

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