Business Idea: भारत पिछले कुछ सालों से खेती (Farming) में लगातार बदलाव देख रहा है। अब कृषि (Agriculture) के प्रति किसानों  (Farmer) का नजरिया पूरी तरह बदल चुका है। एक समय था जब हमारे देश के किसान पारंपरिक फसलों के  (Traditional Crop’s) अलावा  किसी भी फसल की खेती नहीं करते थे।

किसान पारंपरिक कृषि तक ही सीमित थे। इससे किसान भाइयों के लिए पारंपरिक फसलों की आय (Farmer Income) से अपने परिवार का भरण-पोषण करना बहुत मुश्किल हो गया था। लेकिन आज के आधुनिक युग में किसान भाई भी आधुनिक तरीके से सोचने लगा है।
अब किसान पारंपरिक खेती पद्धति से दूर होते जा रहे हैं और आधुनिक तरीके से खेती करने लगे हैं। इसने आज भारत में कृषि को नौकरी-व्यवसाय की तुलना में अधिक लाभदायक व्यवसाय बना दिया है। यही कारण है कि ,युवा भी अब विशेष रूप से कृषि की ओर आकर्षित हो रहे हैं|Business IdeaFarming

साथियों, अब हमारे देश के किसान खेती, मछली पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन आदि से अपनी आय दोगुनी कर रहे हैं। इसके साथ ही किसानों को अब मोती की खेती यानि मोती की खेती (Pearl Farming) करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जानकारों के मुताबिक किसान भाई खेती के साथ-साथ मोती की खेती (Pearl Farming Business) भी करेंगे तो कम खर्च में ज्यादा कमाई करेंगे। कहा जाता है कि ,अगर आप मोती की खेती के कारोबार में 25 हजार रुपये खर्च करते हैं तो किसानों को तीन लाख तक की आमदनी आसानी से हो जाएगी, ऐसे में यह कृषि पूरक व्यवसाय किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होने वाला है। ऐसे में आज हम मोती की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी जानने वाले हैं।

मोती की है काफी डिमांड-
दोस्तों इन दिनों बाजार में मोतियों की काफी डिमांड है। इससे किसानों की आय दोगुनी करने के लिए मोती की खेती काफी लाभदायक व्यवसाय होगा। हाल ही में मोतियों से कीमती जेवर बनाए जाते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में बिकते हैं। इसके अलावा कई तरह के सौंदर्य प्रसाधनों में भी मोतियों का इस्तेमाल किया जाता है।

ऐसे करें मोती की खेती-
हम आपको बताना चाहेंगे कि ,मोती सजीव समुद्री सीपों यानि सजीव मसल्स से प्राप्त होते हैं। लेकिन अब समय बीतने के साथ जैसे-जैसे नई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ता गया है, मोती कृत्रिम रूप से बनने लगे हैं। अब किसान तालाबों में सीप उगा सकते हैं और मोती पैदा कर सकते हैं।

छोटे पैमाने पर मोती की खेती शुरू करने के लिए 500 वर्ग फुट का तालाब काफी है। इस तालाब में पाले गए लगभग 100 मसल्स प्रति मसल्स में दो मोती पैदा कर सकते हैं। लेकिन मोती की खेती से अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए उचित प्रशिक्षण भी आवश्यक है।

मोती की खेती से कितनी आय (Income) होगी?

उचित प्रशिक्षण के साथ मोती की खेती शुरू करने से किसानों को फायदा होगा। हाल ही में भारत में मोती की खेती बड़े पैमाने पर की जाने लगी है। जानकार लोगों का कहना है कि ,मोती की खेती शुरू करने में 25,000 से 35,000 की शुरुआती लागत आने की उम्मीद है,जिसके बाद औसत गुणवत्ता का मोती 120 रुपये और अच्छी गुणवत्ता का मोती 200 रुपये में बिकता है।

मोती की खेती को बड़े पैमाने पर शुरू करने के लिए खेत में एक एकड़ का तालाब भी बनाया जा सकता है, जिसमें मोती पैदा करने के लिए 25,000 मसल्स रखे जा सकते हैं।

हम आपको बताना चाहेंगे कि ,कई बार जलवायु परिवर्तन के कारण मोतियों की गुणवत्ता और उत्पादन में गिरावट आती है। इसलिए किसान प्रशिक्षण के बाद ही मोती की खेती करें।

किसानों को प्रशिक्षण के साथ-साथ इसके बाजार की भी उचित जानकारी होनी चाहिए, जिससे वे मोती बेचकर अच्छा लाभ प्राप्त कर सकें। ऐसे में भारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी मोतियों की काफी मांग है।

किसान चाहें तो मोतियों की अनुबंध खेती में संलग्न हो सकते हैं या अपने मोतियों की ऑनलाइन पैकेजिंग, प्रसंस्करण और विपणन द्वारा ग्राहकों को जोड़ सकते हैं।

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