Kapus Bajarbhav : इस साल कपास सीजन की शुरुआत 1 अक्टूबर से हो चुकी है| 1 अक्टूबर से शुरू हुए कपास के मौसम के दौरान विशेष मुहूर्त कपास की बाजार कीमत 16,000 रुपये प्रति क्विंटल थी। लेकिन मुहूर्त सीजन के अलावा कपास की कीमतों पर दबाव रहा। लेकिन अब पिछले हफ्ते से कपास की कीमत में सुधार की तस्वीर है।

पिछले सात से आठ दिनों से कपास की कीमतों में करीब 700 से 800 रुपये का सुधार देखा गया है। इस बीच कल हुई नीलामी में कपास बाजार भाव में सौ रुपये की तेजी देखने को मिली| एक तरफ जहां कटाई से बाजार भाव बढ़ रहा है वहीं दूसरी तरफ कपास की आवक भी कम हो रही है।

जानकारों के मुताबिक अब कीमत बढ़ने की आस में किसानों ने कपास की जमाखोरी शुरू कर दी है| यदि हम घरेलू कपास बाजार मूल्य पर विचार करें, तो कुछ राज्यों में कपास के न्यूनतम बाजार मूल्य में वृद्धि हुई है जबकि कुछ राज्यों में कपास के अधिकतम बाजार मूल्य में वृद्धि हुई है।

दरअसल, दिवाली के बाद किसानों ने कपास बेचना बंद कर दिया। किसानों को दिवाली के दौरान पैसे की सख्त जरूरत थी और रबी के मौसम के दौरान उन्हें फसल बोने के लिए पैसे की जरूरत थी, इसलिए किसानों ने बड़ी मात्रा में कपास बेची।

लेकिन अब किसानों को पैसों की तत्काल जरूरत नहीं है और अब किसानों ने कपास का भंडारण करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों ने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि, कपास किसान दिवाली के बाद कपास का भंडारण करेंगे। जानकारों के अनुमान के मुताबिक अब कपास किसान कपास का भंडारण कर रहे हैं और उम्मीद है कि, भविष्य में कपास का बाजार भाव बढ़ेगा।

अब बाजार में कपास की आवक कम हो रही है और उद्योग से कपास की खरीद बढ़ गई है। इससे कपास के दाम बढ़ रहे हैं। घरेलू स्तर पर कपास का बाजार भाव 8 हजार से 9 हजार 300 रुपये प्रति क्विंटल के बीच मिल रहा है। महाराष्ट्र में भी कपास की औसत कीमत 8000 रुपये प्रति क्विंटल से 9,200 रुपये प्रति क्विंटल हो रही है।

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