भारत मे वरिष्ठ नागरिकों को हर सेक्टर में काफी रियायते मिलती है। चाहे वो बैंक्स हो या कोई भी सरकारी एवं गैर-सरकारी योजनाए। सफर में भी उन्हें काफी रियायते मिलती है। इन रियायतों में से के एक रेलवे में भी मिलती थी।

उन्हें रेलवे टिकट में काफी रियायते मिलती थी। लेकिन अब रेलवे की यह रियायते ख़त्म हो चुकी है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रियायतों के बारे में क़ाफी अहम घोषणा की है।

उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रियायते रद्द करने की घोषणा की है। भारतीय रेलवे ने भी स्पष्ट किया है कि वह अब वरिष्ठ नागरिकों को किराए में छूट सहित अन्य यात्रियों को रियायती टिकट नहीं देगा।

कोरोना की वजह से रद्द हुई रियायते केंद्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में यह बात स्पष्ट की है। शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में एक प्रश्न का उन्होंने लिखित उत्तर दिया। उन्होंने इसका कारण भी स्पष्ट किया है। उनके मुताबिक, कोविड महामारी और प्रोटोकॉल को देखते हुए रियायत नहीं दी जा सकती।

कोरोना महामारी के बाद लगभग सभी रियायते रद्द हुई थी मार्च 2020 से पहले, वरिष्ठ नागरिकों को सभी वर्गों में रेलवे में यात्रा करने वाली वरिष्ठ महिलाओं के लिए 50% और वरिष्ठ पुरुषों के लिए 40% की छूट थी। इस रियायत का लाभ उठाने की आयु सीमा वृद्ध महिलाओं के लिए 58 वर्ष और पुरुषों के लिए 60 वर्ष थी।

भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, एथलीटों, चिकित्सा पेशेवरों आदि सहित 53 श्रेणियों को छूट प्रदान करता है। कोविड-19 महामारी के चलते कुछ रियायतें बंद कर दी गई थी।

कोरोना महामारी के दौरान रेलवे ने बड़ा नुकसान उठाया है। इस वजह से रेलवे और ज्यादा नुकसान नहीं उठा पाएगा। माना जा रहा है कि शायद इस वजह से भी रेलवे को यह कदम उठाने की जरुरत पड़ी होगी।

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