Strawberry Farming : अभी तक स्ट्रॉबेरी का उत्पादन सिर्फ पहाड़ी इलाकों और ठंडे इलाकों में ही होता था। लेकिन मैदानी इलाकों में भी किसान इस फार्म को सर्दियों में बनाने लगे हैं। ऐसे में अब सर्दी शुरू हो गई है और किसानों के लिए स्ट्रॉबेरी की खेती करने का यह मौका है|

इस सर्दी के मौसम में कोई भी पारंपरिक या साधारण फल और सब्जियां लगाने के बजाय आप स्ट्रॉबेरी उगा सकते हैं। अन्य फलों और सब्जियों की तरह, स्ट्रॉबेरी उगाना आसान होता है। वास्तव में स्ट्रॉबेरी एक विदेशी फसल है और इसकी बाजार में भारी मांग है।

इसके बेहतरीन स्वाद और कई औषधीय गुणों के कारण इसकी बाजार में लगातार मांग है और इसकी अच्छी कीमत भी मिलती है। इससे इस फसल की खेती से निश्चित रूप से किसानों को अधिक आमदनी होगी। ऐसे में आज हम इस फसल की खेती के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को जानने वाले हैं।

स्ट्रॉबेरी की किस्में वास्तव में क्या हैं?

दुनिया में स्ट्रॉबेरी की लगभग 600 किस्में हैं, जिनमें कैमरोसा, चैंडलर, ऑफरा, ब्लैक पीकॉक, स्वीडन चार्ली, एलिस्ता और फेयर फॉक्स भारत में उगाई जाती हैं। इन किस्मों को खेत में बोने के बाद 40 से 50 दिनों में फसल तैयार हो जाती है। स्ट्रॉबेरी रोपण के लिए खेत में क्यारियां तैयार करें और मल्चिंग पेपर लगाकर ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था करें। अन्य उर्वरकों के स्थान पर गाय के गोबर और वर्मीकम्पोस्ट का प्रयोग करें। इससे स्ट्रॉबेरी की खेती में लागत कम आएगी और मुनाफा बढ़ेगा।

इन राज्यों में होती है स्ट्रॉबेरी की खेती

इस फसल के सीजन की बात करें तो स्ट्रॉबेरी की खेती रबी सीजन में ही की जाती है| दिलचस्प बात यह है कि पहले स्ट्रॉबेरी की खेती केवल हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में होती थी, लेकिन अब इस फसल की खेती बड़े पैमाने पर यूपी, बिहार, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में की जाने लगी है।

हालांकि जानकार लोगों द्वारा दी गई बहुमूल्य सलाह के अनुसार इन राज्यों में स्ट्रॉबेरी की खेती करने के लिए मिट्टी का परीक्षण कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि मिट्टी और जलवायु स्ट्रॉबेरी के लिए उपयुक्त है या नहीं। अधिक जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों अथवा कृषि विभाग के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

स्ट्रॉबेरी की फसल से कितनी होगी कमाई

किसान स्ट्रॉबेरी की खेती से आसानी से 12 से 15 लाख रुपये कमा सकते हैं, लेकिन इसके लिए अच्छी तकनीक, अच्छी किस्म के बीज, अच्छी देखभाल, स्ट्रॉबेरी की जानकारी, मार्केटिंग और फूड प्रोसेसिंग की जरूरत होती है। जी हां, स्ट्रॉबेरी सिर्फ एक फल के रूप में ही बाजार में नहीं बिकती है। इसका खाना भी काफी मशहूर है। ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

जानकारों के मुताबिक स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए एक एकड़ जमीन में 22 हजार पौधे लगाए जा सकते हैं| 50 दिनों के बाद उपज 5 से 6 किग्रा प्रतिदिन होती है। प्रत्येक पौधा 500 से 700 ग्राम फल दे सकता है। इस प्रकार एक सीजन में 80 से 100 क्विंटल स्ट्रॉबेरी का उत्पादन हो सकता है, जिसे ई-नाम पोर्टल के माध्यम से बेचा जा सकता है।

इससे किसान 12 लाख तक की कमाई कर सकते हैं। अगर आप इससे ज्यादा कमाई करना चाहते हैं तो एग्रीबिजनेस स्कीम के तहत स्ट्रॉबेरी प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कर सकते हैं, जिसके लिए सरकार अनुदान के साथ-साथ कर्ज भी देती है।

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