Lumpy Nuksaan Bharpai: ढेलेदार सफेद दाग पूरे भारत में और साथ ही महाराष्ट्र में कुछ महीनों से व्याप्त है।

इस बीमारी से कीमती पशुओं को काफी नुकसान हुआ है। कई पशुपालकों के पशुओं की मौत से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है|

उसके बाद इस बीमारी के खिलाफ युद्ध स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया और अब इस बीमारी का प्रकोप नियंत्रण में आ रहा है| इस पृष्ठभूमि में सरकार ने इस बीमारी के कारण अपने पशुओं को खोने वाले पशु पतियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की थी।

इसलिए, अब राज्य में लगभग 2552 पशु पति जिनके पशुधन की मृत्यु इस बीमारी के कारण हुई, 6 करोड़ 67 लाख की राशि सचिंद्र प्रतापसिंह ने कहा कि, किसानों के खातों में रुपये जमा करा दिए गए हैं|

राज्य में ढेलेदार रोग की स्थिति कैसी है?

आज पावतो राज्य के 33 जिलों में इस बीमारी के प्रसार को देखें तो लगभग 3000 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं।

एक लाख साठ हजार से ज्यादा जानवर इससे प्रभावित हुए थे और उनमें से एक लाख पांच हजार 607 का अब इलाज और इलाज हो चुका है। अभी भी संक्रमित पशुओं का इलाज किया जा रहा है।

इस बीमारी के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण कार्यक्रम चलाया गया और अब तक लगभग 140.97 लाख टीके उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

पशुपालन आयुक्त सचिन्द्र प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि, इस टीकाकरण अभियान के तहत लगभग 14 जिलों में टीकाकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है और निजी संगठनों के साथ-साथ सहकारी दुग्ध संघों और व्यक्तिगत पशुपालन किसानों द्वारा किए गए टीकाकरण के कुल आंकड़ों के अनुसार, लगभग 97.32 पशुधन किया गया है|

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