7th Pay Commission : राज्य के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना के लागू होने को लेकर मीडिया में कई दिनों से तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं| इसी बीच इस सिलसिले में एक चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है।

इससे सरकारी कर्मचारियों की सिरदर्दी बढ़ने की संभावना है। दरअसल, ओपीएस यह जरूर समझते हैं कि राज्य सरकार पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है और सरकार इस पर मंथन भी नहीं कर रही है|

जब विधानमंडल में पुरानी पेंशन योजना को लेकर सवाल उठाया गया तो राज्य सरकार ने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से ओपीएस लागू करने के बारे में कोई विचार नहीं किया गया है| हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि सरकार पुरानी पेंशन योजना की तरह अन्य लाभ देने पर विचार कर रही है| इससे राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना लागू होने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

उम्मीद थी कि महाराष्ट्र में पुरानी पेंशन योजना लागू हो सकती है क्योंकि राज्य के कर्मचारी आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दबाव में हैं और जैसा कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में उल्लेख किया है कि वह राज्य में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करेगी। कर्मचारी चुने जाने के बाद लेकिन अब राज्य सरकार की ओर से जो स्पष्टीकरण सामने आया है उससे कर्मचारी मायूस हैं| कर्मचारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि पुरानी पेंशन योजना की तर्ज पर अब राज्य कर्मचारियों को क्या वैकल्पिक लाभ दिए जा सकते हैं।

2005 के बाद महाराष्ट्र राज्य सरकार की सेवा में शामिल होने वाले कर्मचारियों को एक नई पेंशन योजना प्रदान की गई है। राज्य कर्मचारियों की ओर से बताया जा रहा है कि इसमें कई खामियां हैं। इसी के चलते उक्त पेंशन योजना में त्रुटियों को दूर करने के लिए 19 जनवरी 2019 को अध्ययन दल का गठन किया गया है|

नई पेंशन योजना के कर्मचारियों को केन्द्र सरकार की तर्ज पर परिवार पेंशन योजना एवं रुग्णता पेंशन के साथ-साथ सेवानिवृत्ति उपदान एवं मृत्यु उपदान के संबंध में सरकार से सिफारिश करने का मामला अध्ययन दल की अध्यक्षता में गठित समिति के विचाराधीन है।

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