Soybean Rate: सोयाबीन का उत्पादन कर रहे किसानों के लिए आज थोड़ी निराशाजनक खबर सामने आई है, यानी सोयाबीन का बाजार भाव काफी गिर गया है| जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोयाबीन तेल की कीमतों में गिरावट के कारण सोयाबीन की कीमतों में गिरावट आ रही है|

हालांकि, कुछ कृषि विशेषज्ञों ने बाजार भाव में तेजी की उम्मीद जताई है, क्योंकि सोया तेल के दाम जल्द ही बढ़ेंगे। दरअसल, पिछले महीने सोयाबीन 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था।

लेकिन इस महीने कीमत गिर गई। शुरुआत में कीमतों में चार फीसदी की कमी आई। इससे जाहिर तौर पर किसानों की सिरदर्दी बढ़ गई है। इस बीच जहां दाम बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है वहीं एक तस्वीर यह भी है कि किसानों को राहत मिलेगी|

दरअसल, अमेरिका जैव ईंधन नीति अपनाने वाला है। हालांकि, इस धारणा पर कि अमेरिका जैव ईंधन के रूप में सोयाबीन तेल का उपयोग नहीं करेगा, सोयाबीन तेल की कीमतें गिर रही हैं। लेकिन अगर अमेरिका सोया तेल को बायोफ्यूल के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दे तो निश्चित तौर पर सोया तेल के दाम आसमान छू लेंगे।

इसके अलावा, सरकार ने अर्जेंटीना में सोया डॉलर नीति को अपनाया है और सोयाबीन को बड़ी मात्रा में परिष्कृत किया गया है। इससे सोया तेल की उपलब्धता बढ़ गई है और सोया तेल का बाजार भाव गिर गया है। इसके अलावा, अर्जेंटीना और रूस ने बाजार में सस्ता सूरजमुखी तेल उपलब्ध कराया है।

स्वाभाविक रूप से सोयाबीन तेल पर यह दबाव देखा गया क्योंकि सूरजमुखी का तेल सस्ते में उपलब्ध था। इन सभी वजहों से सोयाबीन की कीमतों में गिरावट आई। इस बीच, बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इन कारकों का दर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

जानकारों के मुताबिक इस साल अर्जेंटीना में सोयाबीन का उत्पादन घटेगा और अगले कुछ दिनों में चीन में सोयाबीन की मांग बढ़ेगी| जाहिर है अगर ऐसा होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत में सुधार आएगा। घरेलू बाजार के जानकार लोगों ने सोयाबीन के बाजार भाव में 200 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है।

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