Herbicide Tips: यदि हम फसल प्रबंधन (crop management) प्रणाली पर विचार करें, तो अंतरफसल बहुत महत्वपूर्ण है। अंतर-खेती में निराई-गुड़ाई आदि द्वारा खरपतवारों को नियंत्रित करना बहुत आवश्यक है। जब खरपतवार नियंत्रण (weed control) की बात आती है, तो यह श्रम लागत, आवश्यक समय आदि के कारण सामर्थ्य से परे हो जाता है।

बहुत से लोग अब खरपतवार नियंत्रण के लिए शाकनाशी का उपयोग करते हैं। जड़ी-बूटियों के उपयोग से बहुत समय और धन की बचत हो सकती है।

लेकिन अक्सर शाकनाशी (herbicide) का उपयोग करने के बाद भी वांछित सीमा तक खरपतवार नियंत्रण संभव नहीं होता है। तो, इस लेख में, हम जड़ी-बूटियों का उपयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानेंगे।

शाकनाशी का उपयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियां –

1- सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, जब आप शाकनाशी का उपयोग करते हैं, तो आवश्यक है कि संबंधित फसल के लिए अनुशंसित शाकनाशी का उपयोग करें और केवल अनुशंसित मात्रा का उपयोग करें।

2- एक्सपायर्ड हर्बीसाइड्स (Expired Herbicides) का इस्तेमाल अक्सर किया जाता है लेकिन ऐसा किए बिना यह जांचना जरूरी है कि, संबंधित शाकनाशी एक्सपायर हो गई है या नहीं।

3- शाकनाशी के छिड़काव के लिए अलग नैपसेक पंप का उपयोग करना आवश्यक है। शाकनाशी के लिए एक अलग पंप रखा जाना चाहिए।

4- शाकनाशी का छिड़काव करते समय भूमि (land) को ढेले और ह्यूमस से मुक्त रखना आवश्यक है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, मिट्टी नम होनी चाहिए।

5- शाकनाशी का छिड़काव करने से पहले हवा की स्थिति पर विचार करना जरूरी है। यानी तेज हवाएं चल रही हों तो शाकनाशी का छिड़काव न करें। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि, शाकनाशी का छिड़काव करने के बाद छिड़काव इस तरह से किया जाना चाहिए कि कम से कम दो से तीन घंटे तक धूप साफ रहे।

6- जब आप खरपतवार नाशक का छिड़काव करते हैं, तो छिड़काव करने वाले को पीछे से हटकर छिड़काव करना चाहिए अर्थात आप इस बात का ध्यान रखें कि, आपका पैर उस जगह पर न गिरे जहाँ हम खरपतवार नाशक का छिड़काव कर रहे हैं और छिड़काव करने वाला खरपतवार नाशक है मिटाया या नष्ट नहीं किया गया।

7- मान लीजिए आपने ग्लाइफोसेट (glyphosate) जैसे कीटनाशक का छिड़काव किया है तो कम से कम 21 दिन तक खेत में किसी भी प्रकार की खेती न करें।

8- छिड़काव के लिए फ्लैटफैन नोजल का प्रयोग करना चाहिए।

9- यदि खड़ी फसल में खरपतवारनाशी का छिड़काव करना है तो इस बात का ध्यान रखना अति आवश्यक है कि शाकनाशी का छिड़काव करते समय स्प्रे संबंधित फसल पर न गिरे। इसके लिए हुड का इस्तेमाल करना चाहिए।

10- स्थिति के अनुसार सिफारिश के अनुसार शाकनाशी का उपयोग करना आवश्यक है। हर साल उस मिट्टी में गोबर या वर्मीकम्पोस्ट का उदार प्रयोग करना चाहिए, जिस पर शाकनाशी का छिड़काव किया गया हो।

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