देश के मुद्रा भंडार में पिछले कुछ हप्ते से हो रही गिरावट अब भी जारी है। इसकी वजह भारतीय रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होना माना जा रहा है।

इससे साफ़ होता है कि भारतीय रुपए को मजबूत बनाने के लिए सरकार को जरुरी कदम उठाने पड़ेंगे। साल के आखिरी हफ्ते में गिरावट देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange reserves) अब सिर्फ 635.08 अरब डॉलर ही बचा है।

पिछले हफ्ते मुद्रा भंडार में 58.7 करोड़ डॉलर्स की घट हुई। सोने का भंडार बढ़ रहा है गौरतलब है की इस बिच एक राहत की खबर भी सामने आ रही है।

देश के स्वर्ण भंडार यानि Gold Reserve में तेजी आई। स्वर्ण भंडार में लगभग 20.7करोड़ डॉलर्स की तेजी आई है। इस तेजी के सातरः देश का स्वर्ण भंडार अब 39.39 अरब डॉलर को छू गया है।

इसकी वजह सोने की फिरसे बढ़ती कीमतों को बताया जा रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार का महत्व देश और रिजर्व बैंक के लिए विदेशी मुद्रा भंडार बहुत ही महत्वपूर्ण है।

विदेशी मुद्रा भंडार कितना उपलब्ध है, यह कारक RBI को अपनी मॉनिटरी पॉलिसी बनाने या उसमें बदलाव करने के लिए महत्वपूर्ण होता है।

देश के पास जितना ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार रहेगा उतना ज्यादा भारतीय रुपया मजबूत होता है। इस वजह से RBI और केंद्र सरकार हमेशा इस चीज पर ध्यान देते।

है साथ ही अगर विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ रहा है, तो इसका मतलब है कि देश में बड़े पैमाने पर FDI (Foreign Direct Investment) आ रहा है।

देश में जितनी ज्यादा FDI आएगी उतना देश का विकास हो सकता है। विदेशी निवेश अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

दि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में निवेश करते हैं, तो यह दुनिया को संकेत देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में उनका विश्वास बढ़ रहा है। इससे रुपया मजबूत होता है।

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