Success Story : किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। डोनाल्ड ट्रम्प सत्तर साल की उम्र में अपनी राजनीति शुरू करते हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका (Successful Person) के राष्ट्रपति बनते हैं। मुंबई के एक तेरह वर्षीय लड़के ने भी इस बात पर प्रकाश डाला है कि, व्यवसाय में सफल होने के लिए कोई आयु सीमा नहीं है।

तिलक मेहता  (Tilak Mehta Success Story) मुंबई के तेरह साल के लड़के ने उस उम्र में 100 करोड़ की कंपनी बना ली है, जब बच्चे खेलने-कूदने में व्यस्त हैं। दिलचस्प बात यह है कि, उन्होंने अपनी कंपनी में दो सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया है। ऐसे में आज हम संक्षेप में तिलक मेहता (Successful Businessmen) की सफलता की कहानी को विस्तार से जानने की कोशिश करने जा रहे हैं|

अपने पिता की थकावट के कारण, वह एक व्यावसायिक विचार के साथ आया

पिता की थकान से तिलक मेहता को अपने बिजनेस (Business News) का आइडिया आया। दरअसल, तिलक के पिता विशाल मेहता जब शाम को ऑफिस से आते थे, तो वे बहुत थक जाते थे और इस तरह तिलक कभी भी अपने पिता को बाहर जाने या कुछ लाने के लिए नहीं कह सकते थे।

कई बार तिलक ने अपने पिता से नोटबुक और पेन लाने को भी नहीं कहा। थके होने के कारण तिलक ने अपने पिता को परेशान करना उचित नहीं समझा। तिलक मेहता को तब लगा कि अधिकांश लोगों को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि अपने पिता को कार्यालय से थके हुए लौटते देखना उनकी मांगों को स्थगित करना होगा।

तो उसके बाद वह एक बिजनेस आइडिया लेकर आए और एक कूरियर सर्विस शुरू की। उनके पिता ने भी इसमें मदद की और तिलक को एक बैंक अधिकारी घनश्याम पारेख से मिलवाया, जिन्होंने बिजनेस आइडिया सुनकर नौकरी छोड़ दी और तिलक के साथ बिजनेस में शामिल होने का फैसला किया।

100 करोड़ का कारोबार और 200 लोगों को रोजगार

तिलक ने अपनी कंपनी का नाम ‘पेपर एंड पेंसिल’ रखा और घनश्याम पारेख को कंपनी का सीईओ बनाया। शुरुआत में तिलक की कंपनी ने बुटीक और स्टेशनरी की दुकानों से छोटे-छोटे ऑर्डर लिए। इसके लिए मुंबई में कंटेनरमैन की मदद से सामान पहुंचाया गया।

लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के कारण उन्होंने अपने काम का विस्तार किया। तिलक की कंपनी आज 200 से अधिक लोगों को रोजगार देती है और लगभग 300 डब्बेवालों के साथ जुड़ी हुई है। तिलक की कंपनी का अब सालाना कारोबार 100 करोड़ रुपये है, जिसे वह 200 करोड़ रुपये से आगे ले जाना चाहते हैं।

निश्चय ही किसी भी क्षेत्र में सफल होने की कोई उम्र सीमा नहीं होती, अगर किसी व्यक्ति में कुछ पाने या पाने के लिए कड़ी मेहनत करने का साहस हो और उसके पास उचित योजना हो तो कोई भी किसी भी उम्र में कुछ भी कर सकता है।

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