Soybean Bajarbhav : महाराष्ट्र और अन्य देशों में दिवाली का त्योहार शुरू हो गया है। दिवाली त्योहार के मद्देनजर सोयाबीन तेल की मांग में भारी वृद्धि हुई है और सोयाबीन तेल के बाजार भाव (Soya oil rate) में वृद्धि हुई है।

इसके अलावा दीपावली का त्योहार मनाने के लिए किसान भारी मात्रा में सोयाबीन भी बाजार में लाए हैं ताकि पैसे की बर्बादी न हो| इसके चलते पिछले कुछ दिनों से सोयाबीन की बाजार में रिकॉर्ड एंट्री हुई है। एक तरफ जहां सोयाबीन तेल की कीमत आसमान छू रही है, वहीं दूसरी तरफ सोयाबीन का बाजार भाव (Soybean Rate) जैसे का वैसे बना हुआ है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाम तेल की कीमत में बीस प्रतिशत की वृद्धि हुई है और सोया तेल की कीमत में भी दस प्रतिशत की वृद्धि हुई है| सोयाबीन तेल में 10 रुपये प्रति लीटर की तेजी आई है। सोयाबीन तेल का बाजार भाव आसमान छू रहा है, लेकिन सोयाबीन का बाजार भाव (Soybean Market Price) अभी भी नहीं बढ़ रहा है, जिससे सोयाबीन के किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है|

इस बीच, जानकार सूत्रों के अनुसार पिछले सप्ताह से एफएक्यू ग्रेड सोयाबीन की कीमतों में 200 रुपये की वृद्धि हुई है। हालांकि सोयाबीन (Soybean Crop) की गुणवत्ता खराब हो गई है और जो सोयाबीन बारिश में भीग गई है, उसे बाजार में कम भाव पर बेचा जा रहा है| जानकारों ने दावा किया है कि, बाजार में अच्छी क्वालिटी का सोयाबीन 5,000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है|

इस बीच, कृषि विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में प्रसंस्करण उद्योग अपनी जरूरतों के लिए सोयाबीन खरीद रहा है। दरअसल, बाजार में सोया तेल की मांग बढ़ गई है। लेकिन त्योहार के दौरान भले ही बाजार में इस तेल की मांग हो, लेकिन मांग के मुताबिक सोयाबीन की रिफाइनिंग की जा रही है| यदि वायदा अभी भी होता, तो शायद मेल समिति अधिक सोयाबीन तेल को परिष्कृत करती और इसे वायदा में बिक्री के लिए भेजती।

इसके चलते फिलहाल बाजार में मांग के मुताबिक सोयाबीन तेल का उत्पादन हो रहा है। नतीजा यह है कि, बाजार में जरूरत के मुताबिक ही सोयाबीन की खरीदारी हो रही है और किसानों की जरूरत के चलते सोयाबीन बड़ी मात्रा में बाजार में बिक रहा है| इस वजह से मांग कम है और आपूर्ति ज्यादा है, सोयाबीन का बाजार भाव अभी भी गिर रहा है| इस बीच, किसानों ने आरोप लगाया है कि, व्यापारी सोयाबीन के बाजार मूल्य को इस आधार पर दबा रहे हैं कि, सोयाबीन में दाग है और नमी की मात्रा अधिक है।

इस बीच दिवाली पर किसानों को सोयाबीन बेचना जरूरी हो गया है। लेकिन इसके बावजूद जानकार लोगों ने इस समय किसान भाइयों को एक बहुमूल्य सलाह भी दी है। जानकारों के अनुसार किसान सोयाबीन की नई कटाई के बाद अच्छी तरह से सोयाबीन को सुखाकर बिक्री के लिए बाजार में लाएं और अगर सोयाबीन में कचरे का उचित प्रबंधन किया जाए, तो किसान सोयाबीन को अच्छी कीमत पर बेच सकते हैं|

इस समय बाजार में सोयाबीन 5,000 रुपये प्रति क्विंटल से 5,200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। साथ ही जानकार लोग 5500 रुपये प्रति क्विंटल तक सोयाबीन का बाजार भाव मानकर किसान भाइयों को सोयाबीन बेचते रहें।

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