Pm Swanidhi Yojana : केंद्र सरकार द्वारा कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की जा रही हैं। पीएम स्वनिधि योजना भी ऐसी ही एक कल्याणकारी योजना है। इस योजना के माध्यम से फेरीवालों और छोटे दुकानदारों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। दरअसल कोरोना काल में छोटे दुकानदारों और फेरीवालों को भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा है|

इस दौरान कई लोगों के कारोबार चौपट हो गए। कई लोगों को अपना कारोबार बंद करना पड़ा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने छोटे दुकानदारों और फेरीवालों को एक बार फिर ब्याज मुक्त कर्ज मुहैया कराने के लिए पीएम स्वनिधि योजना शुरू की है| इस योजना के तहत अब तक अहमदनगर शहर के 3,987 लोगों को ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया जा चुका है।

मोदी सरकार ने इस योजना को साल 2020 में लॉन्च किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में लगभग 50 लाख फेरीवालों को 10,000 रुपये की कार्यशील पूंजी प्रदान करना है। विशेष रूप से फेरीवालों को उक्त दस हजार रुपये बिना जमानत एवं बिना ब्याज के दिये जायेंगे।

ऑनलाइन आवेदन करने के बाद पात्र लोगों के खाते में ऋण की राशि राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से जमा करा दी जाती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अहमदनगर शहर में 40 हजार 725 फेरीवालों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है| पता चला है कि संबंधित बैंकों द्वारा 35 हजार 88 फेरीवालों के आवेदन स्वीकार किए गए हैं।

दिलचस्प बात यह है कि इनमें से 3,987 लोगों को अब तक पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। मिली जानकारी के अनुसार अहमदनगर शहर में ठेले पर रेहड़ी लगाने वाले, सब्जी बेचने वाले, फल बेचने वाले, सड़क किनारे दुकानदार, होटल संचालक जैसे साढ़े पांच हजार से अधिक लोग हैं|

पीएम स्वनिधि योजना इस योजना के तहत फेरीवालों और छोटे दुकानदारों को 10,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। हम आपकी जानकारी के लिए यहां बताना चाहेंगे कि यदि कोई व्यक्ति इस योजना के तहत 10 हजार का ऋण लेता है और उसे ठीक से चुकाता है, तो उसे प्रोत्साहन के रूप में दूसरे वर्ष में बीस हजार का ऋण दिया जाता है। यदि बीस हजार भी ठीक से चुकाया जाता है, तो 50 हजार रुपये संबंधित कर्जदार को ऋण के रूप में दिए जाते हैं।

आवेदन कैसे करें…!

इच्छुक व्यक्तियों को सबसे पहले सरकारी बैंक में जाकर इस योजना के तहत लोन के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना होगा और आवेदन बैंक में जमा करना होगा। आवेदन जमा करने के बाद, बैंक उक्त आवेदन का संज्ञान लेता है और उसका सत्यापन किया जाता है। आवेदन के सत्यापन के बाद, बैंक यह जांच करता है कि आवेदक ऋण के लिए पात्र है या नहीं और पैसा सीधे बैंक से पात्र उधारकर्ता को भेज दिया जाता है।

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