Kapus Bajarbhav : देश में शादी की शहनाई बज चुकी है| अब बाजार में चहल-पहल है। इससे बाजार में रौनक आ गई है और कपड़े, सोना-चांदी आदि की खरीदारी बढ़ने लगी है। अभी तक बाजार में कपड़े की मांग नहीं थी।

इसलिए उद्योग से कपास की कोई मांग नहीं थी। लेकिन अब जब शादियों का सीजन शुरू हो गया है तो यार्न और कॉटन इंडस्ट्री से डिमांड बढ़ गई है। निकट भविष्य में मांग बढ़ने वाली है। इससे कपास की कीमत बढ़ने की उम्मीद है।

शादियों का सीजन शुरू होते ही कपड़ों की डिमांड बढ़ने लगी है। लेकिन भारतीय कपास ऊंचे दामों पर बिक रहा है और कपास उद्योग को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यार्न मिलों के मुताबिक कपास की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है लेकिन यार्न की कीमतें जस की तस बनी हुई हैं। इससे उद्योग कपास की कीमतों में गिरावट का इंतजार कर रहा है। हालांकि किसान कम कीमत पर कपास बेचने को तैयार नहीं हैं।

नतीजतन उद्योगों से जरूरत के मुताबिक कपास खरीदी जा रही है। लेकिन बाजार में कपास की आपूर्ति सीमित होने के कारण कपास के दाम कम नहीं हो रहे हैं। इस बीच अब उद्योग जगत को समर्थन मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की है कि शादियों से कपड़े की मांग बढ़ेगी, जिसके परिणामस्वरूप धागे की मांग और कीमत में वृद्धि होगी।

इसके परिणामस्वरूप घरेलू कपास की मांग बढ़ेगी और कपास के बाजार मूल्य में वृद्धि होने की संभावना है। देश में दिसंबर महीने से शादियों की धूम मच जाती है, जिसके चलते इस महीने से कपड़े की डिमांड बढ़ जाती है। अगले कुछ दिनों में कपड़े की मांग और बढ़ेगी और कपास में अच्छी तेजी आएगी।

कुछ बाजार विश्लेषकों ने इसके परिणामस्वरूप कपास की कीमतों में वृद्धि की संभावना व्यक्त की है। इस बीच वैश्विक बाजार को देखते हुए भारतीय कपास ऊंचे भाव पर बिक रही है।

इसलिए, उद्योग निश्चित रूप से ढलान पर जा रहा है। हालांकि, भविष्य में यार्न की मांग बढ़ने से उद्योग को समर्थन मिलेगा। ऐसे में कपास की कीमतों में तेजी आने की संभावना है। अब रेट कितने बढ़ेंगे यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन इससे निर्माताओं को राहत जरूर मिलेगी।

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