7th Pay Commission :राज्य सरकार में सरकारी कर्मचारियों के मामले में एक अहम जानकारी सामने आ रही है| एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए जल्द ही राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक होगी| कहा जाता है कि, उक्त बैठक में राज्य कर्मचारियों की सभी लंबित मांगों पर चर्चा की जाएगी|

इस बीच, राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना को लागू करने, सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने जैसी कई मांगें कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों द्वारा सरकारी अदालत में उठाई जा रही हैं। राज्य के कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को बार-बार अभ्यावेदन भी भेजे जा रहे हैं।

इस बीच मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी राज्य कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि, वह राज्य कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक फैसला लेंगे| इस बीच, जैसा कि कहा गया है कि, राज्य के कर्मचारियों की लंबित मांगों को हल करने के लिए जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई जाएगी, यह भविष्यवाणी की जाती है कि, राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों के मुद्दे पर एक बार फिर जोर दिया जाएगा|

इस बीच, यदि राज्य सरकार पुरानी पेंशन योजना को लागू करने सहित राज्य कर्मचारियों के लंबित मुद्दों का समाधान नहीं करती है, तो राज्य के कर्मचारी नवंबर महीने में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे| दिलचस्प बात यह है कि, प्रदेश के तमाम संगठन एकजुट होकर सरकार पर कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करने का दबाव बनाने जा रहे हैं|

निश्चित रूप से राज्य कर्मचारियों की ओर से सरकार पर राज्य के कर्मचारियों की लंबित मांगों को जल्द से जल्द निपटाने का काफी दबाव बनाया जा रहा है| ऐसे में कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए राज्य सरकार जल्द कैबिनेट बैठक भी आयोजित करेगी|

राज्य कर्मचारियों की क्या मांगें हैं?

मित्रो, पुरानी पेंशन योजना को लागू करना राज्य कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग है। हम यहां आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि, राज्य सरकार की सेवा में शामिल हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना के स्थान पर वर्ष 2005 के बाद नई पेंशन योजना लागू की गई है।

हालांकि नई पेंशन योजना का राज्य के कर्मचारी बार-बार विरोध कर रहे हैं और सरकार से पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग की जा रही है| दिलचस्प बात यह है कि, देश के कई राज्यों ने पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया है। हाल ही में हरियाणा राज्य ने भी नई पेंशन योजना को रद्द कर दिया है और अपने राज्य में राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की है।

राज्य के कर्मचारियों की ओर से यह मांग भी उठाई गई है कि, पेंशन योजना में जमा हुई राशि को रद्द किया जाए और पेंशन योजना में जमा हुई राशि को जीपीएफ खाते में वर्गीकृत किया जाए|

साथ ही जुलाई 2022 से महंगाई भत्ते में चार फीसदी की बढ़ोतरी की जाए। यानी महंगाई भत्ते को मौजूदा 34 फीसदी से चार फीसदी और राज्य कर्मचारियों को 38 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जाए|

यह मांग राज्य कर्मचारियों की ओर से भी की गई है| इसके अलावा राज्य कर्मचारी भी मांग कर रहे हैं कि, बख्शी समिति खंड दो की रिपोर्ट लागू की जाए|

साथ ही राज्य के विभिन्न विभागों में राज्य कर्मचारियों के रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए| यह सरकारी कर्मचारियों की भी एक अहम मांग है।

राज्य कर्मचारी यह भी मांग कर रहे हैं कि, राज्य सरकार में भरे गए राज्य कर्मचारियों के पदों को स्थायी आधार पर यानि अनुबंध के आधार पर नियमित वेतनमान पर भरा जाए। राज्य कर्मचारियों से राज्य कर्मचारियों को जल्द से जल्द भुगतान किया गया है|

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